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रणधीर सिंह को सांसद बनाना पहला लक्ष्य - युवराज सुधीर सिंह

 



महाराजगंज के पूर्व राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे युवराज सुधीर सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक छपरा रणधीर सिंह को महाराजगंज से सांसद बनाना मेरा पहला लक्ष्य है 

13-03-2022
छपरा (सारण) : R1news Desk 

महाराजगंज के पूर्व राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे वाईपीएल संयोजक व तरैया से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके युवराज सुधीर सिंह ने कहा कि छोटे भाई पूर्व विधायक छपरा रणधीर सिंह को महाराजगंज से सांसद बनाना उनका पहला लक्ष्य है।

श्री सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक है चुनाव में जय पराजय से फर्क नहीं पड़ता जनसेवा का काम चुनाव हारने पर भी और चुनाव जीतने पर भी अभिलंब चलता रहता है। 

अपने बड़े पिताजी पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह की चर्चा करते हुए युवराज सुधीर सिंह ने कहा की सांसद व विधायक बनने से बड़ा बात होता है नेता बनना और नेता वही बनता है जो जनता के विश्वास पर खरा उतरता है महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र की जनता ने उनके बड़े पिताजी प्रभुनाथ बाबू को जो मान सम्मान दिया है वही मान सम्मान उनके छोटे भाई रणधीर सिंह को भी जरूर देगी। 

भोजपुरी में व्याप्त अश्लीलता को दूर करने के लिए अपने द्वारा चलाए जा रहे अभियान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिस तरह से शराब समाज के लिए घातक है उससे ज्यादा घातक है गंदे अश्लील भोजपुरी गीत जो समाज में कैंसर की तरह फैल रहा है और इसका प्रभाव सबसे ज्यादा नए उम्र के बच्चों पर पड़ रहा है। 

युवराज सुधीर सिंह ने कहा कि उनका परिवार राजनीतिक परिवार है। परिवार में उनके चाचा विधायक हैं तो बड़े पिताजी पूर्व सांसद और छोटा भाई पूर्व विधायक। कई रिश्तेदार भी राजनीति में हैं। लोकतंत्र में जनता जिसे चाहे सर पर बैठा दें और सारण प्रमंडल ही नहीं पूरे बिहार के लोग उनके परिवार से प्रेम करते हैं। यही कारण है कि नेता जी ने बिहार में कई उभरते लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाया। 

अपने राजनीतिक करियर को लेकर उन्होंने कहा कि मेरी कर्म भूमि तरैया है तरैया की जनता की सेवा करते आ रहा हूं और आगे भी करूंगा। पंचायत स्तरीय विधान परिषद सीट पर अपनी दावेदारी को लेकर युवराज सुधीर सिंह ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। 

उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है कुछ चीज है भविष्य के गर्भ में रहे तो बेहतर है। इस समय नेताजी प्रभुनाथ बाबू की कमी खल रही है। जिस तरह से आनंद मोहन जी जैसे कर्मठ लोगों को जेल में डाल कर सरकार खुन्नस निकाल रही है और गलत मामले में उनके बड़े पिताजी प्रभुनाथ बाबू उनके पिताजी दिनानाथ बाबू को राजनीतिक साजिश की तरह तहत जेल में डाला गया है, यह भी जनता देख रही है। 

उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है युवाओं को रोजगार देना, शिक्षा स्वास्थ कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाना। सरकार किसी पार्टी, किसी दल का हो, पर जनता से जुड़े मामलों का त्वरित निदान होना चाहिए। भय भूख भ्रष्टाचार पर रोक लगना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि वह अपने परिवारिक विरासत को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जो कुछ अपने बड़े पिताजी प्रभुनाथ बाबू से सीखा है उसे ही आगे लेकर जा रहे हैं। सिर्फ तरैया ही नहीं पूरे सारण प्रमंडल और बिहार के लोगों के सुख-दुख के भागी हैं। चाहे बात मधुबनी नरसंहार के पीड़ितों की सहायता करने की हो या फिर पटना के एक छोटे से बालक आयांश की मदद करने की, वह कभी पीछे नहीं रहे हैं। जहां कहीं अत्याचार होगा वहां पे जाएंगे। पीड़ित लोगों के आंसू पोछेंगे तथा उनकी मदद करेंगे। यही उनकी परिवारिक विरासत है। 

उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि निराश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि संगठित होने की जरूरत है। आने वाला समय युवाओं का है, विकास का है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सिर्फ सारण प्रमंडल ही नहीं पूरे बिहार में जहां कहीं भी अत्याचार होता है वहां सबसे पहले भी खड़े होते हैं। जात धर्म की राजनीति करने वाले लोगों पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है।


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